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आहार निद्रा ब्रहमचर्य
आहार निद्रा ब्रहमचर्य डॉ कविता व्यास (आयुर्वेदाचार्य) आहार निद्रा और ब्रह्मचर्य को स्वास्थ्य के तीन उपस्तंभ माना गया हैI पहले के लेख में हमने आहार के विषय में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां पढ़ी थी , अब हम आपके सामने आहार के संबंध में कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रस्तुत कर रहे हैं I निद्रा औरब्रह्मचर्य के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी I आहार आहार हमारी उर्जा का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत है यह कहा गया है कि आहार ही औषध है अर्थात यदि हम आहार में सावधानी बरतेगे तो हम कई रोगों की उत्पत्ति को रोक सकते हैंI आयुर्वेद में सही आहार के विषय में जोर दिया गया है क्योंकि सही तरीके से लिया गया सही मात्रा में लियागया और सही भोज्य पदार्थों के द्वारा किया गया आहार कई रोगों को ठीक करने में सहायक होता है I योग शास्त्र में बताए गए पंचकोशो में से अन्नमय कोष की शुद्धि के लिए सही आहार का बड़ा महत्व हैI चरक संहिता में कहा गया है कि निम्न आहार प्रतिदिन खाने से स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं- षष्टी शाली चावल [वह चावल जो 60 दिन में उग जाते हैं,], लाल चावल ,मूंग की दाल, आंवला जौ का आटा शुद्धपानी गाय का घी गाय का दूध और शहद I जल…

